50+ Best Nafrat Shayari in Hindi | नफ़रत शायरी 2026
अगर आपके दिल में किसी के लिए प्यार की जगह अब नफरत, नाराज़गी, गुस्सा या दर्द ने ले ली है, तो उसे शब्दों में बयां करने के लिए Nafrat Shayari एक बेहतरीन माध्यम है। नफरत शायरी उन भावनाओं को खूबसूरत और असरदार अंदाज़ में व्यक्त करती है, जिन्हें अक्सर सीधे शब्दों में कहना मुश्किल होता है। इस पोस्ट में आपको नफरत शायरी, नफरत भरी शायरी, Attitude Nafrat Shayari, बेवफाई और धोखे पर नफरत शायरी, रिश्तों पर नफरत शायरी और दिल को छू जाने वाली Nafrat Shayari का शानदार कलेक्शन मिलेगा।
अगर किसी की बेरुखी, धोखे या बदलते व्यवहार ने आपके दिल में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है, तो यहां दी गई शायरियां आपकी भावनाओं को सही शब्द देने में मदद करेंगी। आप इन Nafrat Shayari in Hindi को Status या Post के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
Nafrat Shayari

नफ़रत भी हम से वो कमाल की करते हैं
ज़र्रा भी नहीं छोड़ते, पर नज़र हमीं पर रखते हैं !!
तुम्हारी यादें भी अब चुभने लगी हैं
इश्क़ की जगह दिल में नफ़रत बसने लगी है !!
नही हो अब तुम हिस्सा मेरी किसी हसरत के
तुम काबिल हो तो बस नफ़रत के !!
लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है !!
हमने तो सच्चे दिल से रिश्ता निभाया था
तुमने ही प्यार को नफरत में बदल दिया था !!
Dard Nafrat Shayari

जिसने दर्द दिया उसे भूल भी जाएँगे
मगर दिल से की गई नफरत को कैसे मिटाएँगे !!
नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली !!
तुमने जो दिया वो दर्द आज भी याद है
इसीलिए दिल में तुम्हारे लिए सिर्फ नफरत बाकी है !!
नफ़रत की आग में जलकर भी मुस्कुराते रहे
तुमने ज़ख़्म दिए और हम वफ़ा निभाते रहे !!
नफ़रत की दुनिया में हम अपना वजूद ढूंढते रहे
लोग हमें तोड़ते रहे, और हम उन्हें मुस्कुराकर सहते रहे !!
Nafrat Shayari 2 Line

तेरी बेरुख़ी ने इतना बदल दिया मुझे
अब तुझसे मोहब्बत से ज़्यादा नफ़रत है मुझे !!
नफरत इतनी भी मत करना हमसे
कभी प्यार किया था, ये याद आ जाएगा !!
तुम नफ़रत का तीर चलाकर तो देखो
हम तो मोहब्बत की ढाल लिए मुस्कुराते मिलेंगे !!
इतनी नफ़रत ना फैलाओ इस छोटी सी ज़िंदगी में
एक दिन हिसाब सबको देना है उस रब की अदालत में !!
इतनी नफ़रत ना कर मुझसे, ऐ बेखबर
एक दिन यही नफ़रत तुझे मेरी याद दिलाएगी !!
Attitude Nafrat Shayari

नफरत करने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है
लगता है हमारी पहचान ऊँची होती जा रही है !!
हम नफ़रत करते हैं तो खुलकर करते हैं
हम झूठी मोहब्बत का दिखावा नहीं करते हैं !!
नफरत करने वालों से इतना ही कहना है
हम बदल गए हन, अब हमें फर्क नहीं पड़ना है !!
नफ़रत है तुझसे, अब ये बता दिया है
दिल से निकाल कर तुझे सजा दिया है !!
हमारी नफ़रत भी उतनी ही खास है
जितनी हमारी मोहब्बत लाजवाब है !!
Nafrat Shayari in Hindi

नफरत की आग जो तुमने इस दिल में लगाई है
तुमसे ही नही मोहब्बत से भी हमें नफरत हुई है !!
अब तेरी तस्वीर देखकर मुस्कुराते नहीं
जो दिल से उतर जाएँ, उन्हें याद करते नहीं !!
नफ़रत करनी है तो इस कदर करना हमसे
कि हम मर भी जाएँ तो तेरी आँखों में आँसू न आएँ !!
नफ़रत बता रही है कि मोहब्बत ग़ज़ब की थी
वरना यूँ ही बेवजह तो कोई दुश्मन नहीं बनता !!
दिल में नफ़रत रखने से चेहरे पर निखार नहीं आता
और जो दूसरों का बुरा सोचे, वो कभी ख़ुशहाल नहीं रहता !!
Attitude Nafrat Shayari For Girls

मुझसे नफरत करने वालों की कमी नहीं
पर मुझे इग्नोर करे, इतनी किसी में दम नहीं !!
नफरत करने वालों से मेरा बस इतना रिश्ता है
वो जलते रहते हैं और मेरा रुतबा बढ़ता रहता है !!
नफरत करने वालों की बातों पर ध्यान नहीं देती
क्योंकि Queen हर किसी के लिए सफाई नहीं देती !!
मैं किसी की मोहब्बत की मोहताज नहीं
जिसे नफरत करनी है करे, मुझे कोई एतराज नहीं !!
मुझसे नफरत करने वालों को एक बात याद रखना
मैं जैसी हूँ वैसी ही रहूँगी, तुम्हारे लिए नहीं बदलना !!
Family Se Nafrat Shayari

खून का रिश्ता था, इसलिए भरोसा किया
अपनों ने ही उसी भरोसे को चकनाचूर किया !!
परायों से मिले जख्म तो भर जाते हैं
अपनों के दिए दर्द उम्रभर याद आते हैं !!
अपने ही जब दिल दुखाने लगते हैं
तो रिश्ते भी बोझ लगने लगते हैं !!
जिन्हें अपना समझकर दिल में जगह दी
उन्हीं ने सबसे ज्यादा तकलीफ दी !!
कुछ रिश्ते सिर्फ नाम के अपने होते हैं
वक्त पड़ने पर वही सबसे पहले बदलते हैं !!
Khud Se Nafrat Shayari

कभी खुद पर बहुत नाज़ था मुझे
अब खुद से ही नफरत होने लगी है मुझे !!
अब किसी और से शिकायत नहीं रही
सबसे ज्यादा नाराज़गी तो खुद से ही रही !!
हर गलती का दोष खुद को देता रहा
और धीरे-धीरे खुद से दूर होता रहा !!
अपने ही फैसलों ने इतना दर्द दिया
कि खुद पर भरोसा करना भी छोड़ दिया !!
खुद को समझाते-समझाते थक गया हूँ मैं
अपनी ही गलतियों में उलझ गया हूँ मैं !!
Pyar Se Nafrat Shayari

जिनसे थी बेइंतहा मोहब्बत उसने ही धोखा डिआ है
नफरत की आग लगाकर हमको रुसवा किया है !!
वक्त ने ऐसा सबक सिखाया है हमें
अब मोहब्बत से ज्यादा नफरत पर भरोसा है हमें !!
तुम्हारी हर बात अब झूठ सी लगती है
कभी मोहब्बत थी तुमसे, अब नफरत सी लगती है !!
तेरी बातों ने दिल को इतना तोड़ दिया
कि प्यार का नाम सुनकर भी नफरत होने लगी !!
नफ़रतों का शहर है, यहाँ मोहब्बत नहीं मिलती
हर चेहरे पे नक़ाब है, असलियत नहीं दिखती !!
